MahaDBT Tenant Farmer Eligibility

August 18, 2026
Written By {FM}

Written By Farmer Mapal

MahaDBT (Maharashtra Direct Benefit Transfer)

MahaDBT Tenant Farmer Eligibility पोर्टल के माध्यम से राज्य सरकार किसानों को विविध कृषि योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर करती है। महाराष्ट्र में 5.6% कृषि जोतें पट्टेदार किसानों (Tenant Farmers) द्वारा संचालित की जाती हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा कई राज्यों में 40% से अधिक है . हालांकि, PM-KISAN जैसी केंद्रीय योजनाएं केवल भूमिधारक किसानों तक सीमित हैं, जिससे पट्टेदार और भूमिहीन किसान वंचित रह जाते हैं . यह लेख MahaDBT पर पट्टेदार किसानों की पात्रता, उपलब्ध योजनाओं, और नए कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।

Understanding Tenant Farmer Classification

What Defines a Tenant Farmer

पट्टेदार किसान (Tenant Farmer) वह व्यक्ति है जो दूसरों की भूमि पर लिखित या मौखिक अनुमति से एक फसल मौसम या एक वर्ष तक की अवधि के लिए खेती करता है . Rights of Tenant Farmers Bill, 2025 के अनुसार, पट्टेदार किसान की परिभाषा में भूमि मालिक के परिवार के सदस्यों को शामिल नहीं किया गया है .

भारत में कृषि में दो प्रकार की पट्टेदारी देखी जा रही है:

  • Tenancy (पट्टेदारी): भूमिहीन और सीमांत किसान दूसरों की भूमि पर खेती करते हैं

  • Reverse Tenancy (उलटी पट्टेदारी): छोटे भूमि मालिक बड़े किसानों को खेती के लिए भूमि देते हैं 

क्या होता है जब पट्टेदार किसान की पहचान नहीं की जाती? वह सरकारी योजनाओं, क्रेडिट सुविधाओं, बीमा, और सब्सिडी से वंचित रह जाता है. यह “Exclusion Error” कहलाता है, जहां वास्तविक किसान को लाभ नहीं मिलता, बल्कि भूमि मालिक को लाभ पहुंचता है .

Tenancy Statistics in India

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के 2018-19 के आंकड़ों के अनुसार :

राज्य पट्टेदार जोतें (%) पट्टे पर क्षेत्र (%)
आंध्र प्रदेश 42.4 36.4
उड़ीसा 39.0 31.3
पश्चिम बंगाल 29.5 22.3
त्रिपुरा 28.5 18.5
बिहार 28.2 25.1
हरियाणा 21.3 34.7
पंजाब 21.1 27.8
उत्तर प्रदेश 17.9 13.8
महाराष्ट्र 5.6 4.3

महाराष्ट्र में पट्टेदारी अपेक्षाकृत कम है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ये आंकड़े वास्तविक स्थिति को कम आंकते हैं, क्योंकि अधिकांश कृषि पट्टेदारी मौखिक, अलिखित समझौतों पर होती है .

Why Tenant Farmers Are Often Excluded

पट्टेदार किसानों को योजनाओं से बाहर रखे जाने के मुख्य कारण :

  1. भूमि स्वामित्व की आवश्यकता: अधिकांश योजनाओं के लिए 7/12 भूमि अभिलेख आवश्यक है

  2. भूमि मालिक की सहमति: पट्टेदारी दस्तावेज के लिए भूमि मालिक के हस्ताक्षर आवश्यक हैं

  3. भूमि मालिकों की अनिच्छा: कई भूमि मालिक पट्टेदारी स्वीकार करने से डरते हैं क्योंकि उन्हें भूमि पर अधिकार खोने का भय रहता है

  4. अलिखित समझौते: अधिकांश पट्टेदारी मौखिक होती है, जिसका कोई कानूनी प्रमाण नहीं होता

क्या होता है जब पट्टेदार किसान पंजीकृत नहीं होता? आंध्र प्रदेश के एक अध्ययन में पाया गया कि 3,855 पट्टेदार किसानों में से केवल 364 को Crop Cultivator Rights Card (CCRC) मिला, और उनमें से भी केवल 63 को DBT लाभ मिला .

Current Legal Framework for Tenant Farmers

Rights of Tenant Farmers Bill, 2025

Rights of Tenant Farmers Bill, 2025 भारत सरकार द्वारा पेश किया गया एक विधेयक है, जो पट्टेदार किसानों को कानूनी मान्यता प्रदान करता है . इस विधेयक के मुख्य प्रावधान:

  • Tenant Farmers’ Rights Card: पट्टेदार किसानों को डिजिटल और हार्ड कॉपी कार्ड जारी किया जाएगा 

  • ऋण पात्रता: कार्ड धारक बिना किसी अन्य राजस्व रिकॉर्ड या गारंटी के फसल ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं 

  • सरकारी योजनाओं का लाभ: कार्ड धारक फसल बीमा, वित्तीय सहायता, इनपुट सब्सिडी और फसल क्षति मुआवजे के लिए पात्र होंगे 

  • सीमित अधिकार: कार्ड केवल उगाई गई फसलों पर अधिकार देता है, भूमि पर नहीं 

क्या होता है जब इस कानून का पालन नहीं किया जाता? पट्टेदार किसान बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं से वंचित रहते हैं, जिससे उनकी कृषि लागत बढ़ती है और वे साहूकारों पर निर्भर रहते हैं.

Tenant Farmers’ Rights Card

इस कार्ड के लाभ :

  • Crop Loans: सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों से फसल ऋण के लिए आवेदन

  • Government Schemes: सभी सरकारी योजनाओं का लाभ

  • Crop Insurance: फसल बीमा योजना का लाभ

  • Subsidies: इनपुट सब्सिडी और फसल क्षति मुआवजा

यदि पट्टेदार किसान Tenant Farmers’ Rights Card के लिए आवेदन नहीं करता तो क्या होता है? वह उपरोक्त सभी लाभों से वंचित रहता है और सरकारी योजनाओं में उसे ‘अदृश्य’ माना जाता है .

PM-KISAN Exclusion Issue

PM-KISAN योजना केवल कृषि भूमि धारक किसानों के लिए है, चाहे उनकी भूमि का आकार कुछ भी हो साझेदार किसानों, पट्टेदार किसानों और भूमिहीन किसानों को इस योजना से बाहर रखा गया है .

राज्य सभा में दिए गए उत्तर के अनुसार :

  • बिहार में 54.37% परिवार भूमिहीन हैं

  • सरकार ने भूमिहीन किसानों को PM-KISAN में शामिल करने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया है

  • PM-KISAN के तहत अब तक ₹3.68 लाख करोड़ 19 किस्तों में वितरित किए गए हैं

इस बहिष्कार का क्या परिणाम है? जब DBT योजनाओं का पैसा गैर-खेती करने वाले भूमि मालिकों के खातों में जाता है, तो वास्तविक “किसान” लाभ से वंचित रह जाता है .

MahaDBT Schemes for Tenant Farmersmahadbt-tenant-farmer-eligibility

Agricultural Mechanization Scheme

MahaDBT कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत राज्य के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जाता है .

अकोला जिले के आंकड़े :

  • 64,615 शेतकऱ्यांची निवड (Selection of 64,615 farmers)

  • 1,167 शेतकऱ्यांनी यंत्रे खरेदी (1,167 farmers purchased equipment)

  • ट्रॅक्टर, रोटोव्हेटर, हार्वेस्टर, पेरणीयंत्र आदी

इस योजना का उद्देश्य “शेती अधिक उत्पादनक्षम, कमी मजुरीखर्चाची आणि वेळेत पूर्ण व्हावी” है .

Seed Subsidy Scheme

MahaDBT बियाणे अनुदान योजना के तहत शेतकऱ्यांना प्रमाणित बियाणे 40% से 100% तक अनुदान पर उपलब्ध होते हैं .

योजना के प्रमुख बिंदु :

  • वैयक्तिक शेतकरी: 40-50% अनुदान

  • नोंदणीकृत शेतकरी गट: 100% अनुदान

  • सोयाबीन, मूग, उडीद, तूर आदी पिकांसाठी

  • अंतिम मुदत: 15 मे 2026

इस योजना के लिए माती परीक्षण अनिवार्य किया गया है. शेतकऱ्यांना चालू वर्षातील किंवा मागील तीन वर्षांतील माती परीक्षण अहवाल सादर करावा लागणार आहे .

State vs Central Scheme Differences

योजना पात्रता लाभ
PM-KISAN (केंद्रीय) केवल भूमिधारक किसान ₹6,000/वर्ष
MahaDBT (राज्य) पट्टेदार किसान भी पात्र (कुछ योजनाओं में) 40-100% अनुदान
नमो शेतकरी महासन्मान निधि PM-KISAN पात्र किसान ₹6,000/वर्ष (अतिरिक्त)

महत्वपूर्ण: राज्य सरकार ने पोकरा और महाडीबीटी योजनाओं को समान 50% अनुदान देने का निर्णय लिया है .

Eligibility Criteria for Tenant Farmers

Land Cultivation Requirements

पट्टेदार किसान को योजनाओं का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:

  1. कृषि गतिविधि में संलग्नता: किसान को वास्तव में भूमि पर खेती करनी चाहिए

  2. भूमि मालिक की अनुमति: लिखित या मौखिक अनुमति होनी चाहिए

  3. 7/12 प्रमाण: सामान्यतः 7/12 आवश्यक है, लेकिन कुछ योजनाओं में वैकल्पिक व्यवस्था हो सकती है

क्या होता है यदि पट्टेदार किसान के पास 7/12 नहीं है? वह महाडीबीटी पोर्टल पर सीधे आवेदन नहीं कर सकता, क्योंकि 7/12 और 8-अ उतारा अनिवार्य है . हालांकि, Rights of Tenant Farmers Bill, 2025 के लागू होने के बाद Tenant Farmers’ Rights Card से यह आवश्यकता पूरी हो सकती है .

Documentation Challenges

पट्टेदार किसानों के सामने दस्तावेज़ीकरण की बड़ी चुनौती है:

  1. भूमि मालिक की सहमति न मिलना: कई भूमि मालिक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से डरते हैं 

  2. CCRC जारी न होना: आंध्र प्रदेश के अध्ययन में 3,855 में से केवल 364 को CCRC मिला 

  3. अलिखित पट्टेदारी: अधिकांश पट्टेदारी मौखिक होती है

“The CCRC requires the landowner’s signature and can’t be issued without the consent. Most owners are hesitant to sign documents confirming they have given lands on lease” .

Income and Category Requirements

MahaDBT योजनाओं के लिए अलग-अलग आय सीमाएं हैं :

  • आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग: ₹1 लाख से ₹8 लाख तक

  • पंजीकृत मजदूर/सीमांत किसान: ₹6 लाख से कम

सीमांत किसान या पंजीकृत मजदूर के बच्चे वसतिगृह निर्वाह भत्ता योजना के लिए पात्र हैं, जिसमें ₹38,000 से ₹60,000 तक का भत्ता मिलता है .

How Tenant Farmers Can Apply on MahaDBT

Step-by-Step Registration

MahaDBT पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया:

  1. Farmer ID प्राप्त करें: CSC से Farmer ID बनवाएं 

  2. MahaDBT Farmer Portal पर जाएंhttps://mahadbt.maharashtra.gov.in/Farmer 

  3. Farmer ID से लॉगिन करें: Farmer ID दर्ज करें और OTP प्राप्त करें

  4. “Apply Component” चुनें: इच्छुक घटक का चयन करें 

  5. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें: 7/12, 8-अ, आधार, बैंक पासबुक 

  6. आवेदन सबमिट करें: Application ID नोट करें

आवश्यक दस्तावेज़ [citation:14, 15]:

  • आधार कार्ड

  • 7/12 भूमि अभिलेख

  • 8-अ उतारा

  • आधार-संलग्न बैंक खाता

  • Farmer ID

क्या होता है यदि Farmer ID नहीं है? नजदीकी CSC पर जाकर Farmer ID बनवाएं .

Document Submission Process

MahaDBT पोर्टल पर दस्तावेज़ अपलोड करने की प्रक्रिया:

  1. लॉटरी में निवड झाल्यानंतर 10 दिवसांत कागदपत्रे अपलोड करावीत 

  2. कृषी विभाग 10 दिवसांत कागदपत्रांची छाननी करतो

  3. पूर्वसंमतीनंतर 30 दिवसांत खरेदी करून देयके अपलोड करावीत 

  4. तपासणीनंतर अनुदान बँक खात्यात जमा होते

पट्टेदार किसानों के लिए चुनौती: अकोला जिले में 7,690 शेतकऱ्यांनी कागदपत्रे अपलोड केली आहेत , लेकिन पट्टेदार किसानों के लिए 7/12 की अनुपलब्धता बड़ी बाधा है.

Status Tracking and Follow-up

आवेदन की स्थिति जांचने के लिए:

  1. MahaDBT Farmer Portal पर लॉगिन करें

  2. “Application Tracking” पर क्लिक करें

  3. Application ID दर्ज करें

  4. गावनिहाय लाभार्थी यादी भी देख सकते हैं 

गावनिहाय यादी देखने के लिए :

Real Impact and Case Examples

Case Example – Andhra Pradesh Tenant Crisis

आंध्र प्रदेश का अनुभव DBT योजनाओं में पट्टेदार किसानों की समस्या को स्पष्ट करता है :

RSV सर्वे (जनवरी-फरवरी 2022) :

  • 3,855 पट्टेदार किसानों का सर्वेक्षण

  • केवल 364 को CCRC (Crop Cultivator Rights Card) मिला

  • केवल 63 कार्डधारकों को Rythu Bharosa लाभ मिला

  • केवल 12 ने पट्टेदार भूमि पर बैंक ऋण प्राप्त किया

क्या होता है जब भूमि मालिक CCRC पर हस्ताक्षर नहीं करता? पट्टेदार किसान योजनाओं से वंचित रहता है .

Economic Impact of Exclusion

  • बिहार में 54.37% परिवार भूमिहीन हैं 

  • तेलंगाना में 30% किसान पट्टेदार हो सकते हैं 

  • PM-KISAN की 19वीं किस्त में ₹22,000 करोड़ वितरित किए गए, लेकिन भूमिहीन किसानों को यह लाभ नहीं मिला 


Frequently Asked Questions

Q1: MahaDBT tenant farmer eligibility kya hai?
A: पट्टेदार किसान वह है जो दूसरों की भूमि पर खेती करता है। MahaDBT पर कुछ योजनाओं के लिए पट्टेदार किसान पात्र हो सकते हैं, लेकिन 7/12 भूमि अभिलेख आमतौर पर अनिवार्य है .

Q2: PM-KISAN mein tenant farmers ko kya milta hai?
A: PM-KISAN योजना केवल कृषि भूमि धारक किसानों के लिए है। पट्टेदार, साझेदार और भूमिहीन किसान इस योजना से बाहर हैं .

Q3: Rights of Tenant Farmers Bill, 2025 kya hai?
A: यह एक विधेयक है जो पट्टेदार किसानों को Tenant Farmers’ Rights Card प्रदान करता है, जिससे वे फसल ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें .

Q4: Tenant Farmers’ Rights Card kaise milega?
A: Rights of Tenant Farmers Bill, 2025 के पारित होने के बाद, कृषि अधिकारी पंजीकृत पट्टेदार किसानों को डिजिटल और हार्ड कॉपी कार्ड जारी करेंगे .

Q5: MahaDBT tenant farmer ke liye documents required?
A: आधार कार्ड, 7/12 भूमि अभिलेख, 8-अ उतारा, आधार-संलग्न बैंक खाता, Farmer ID .

Q6: MahaDBT agricultural mechanization scheme ke liye tenant farmer apply kar sakta hai?
A: अकोला जिले में 64,615 शेतकऱ्यांची निवड हुई है , लेकिन पट्टेदार किसानों के लिए 7/12 की अनुपलब्धता बाधा है.

Q7: MahaDBT seed subsidy scheme kya hai?
A: यह योजना प्रमाणित बियाणे पर 40-100% अनुदान देती है। वैयक्तिक शेतकऱ्यांना 40-50% और नोंदणीकृत गटांना 100% अनुदान .

Q8: Maharashtra mein tenant farmers kitne hain?

A: NSO 2018-19 के अनुसार महाराष्ट्र में 5.6% कृषि जोतें पट्टेदार हैं, लेकिन अलिखित पट्टेदारी के कारण यह आंकड़ा कम हो सकता है .

Q9: MahaDBT portal par tenant farmer application status kaise check karein?
A: mahadbt.maharashtra.gov.in पर लॉगिन करें, Application Tracking पर क्लिक करें, Application ID दर्ज करें .

Q10: Farmer ID (Agristack) kya hai?
A: यह किसानों के लिए एक डिजिटल ID है, जो MahaDBT Farmer Portal पर लॉगिन और योजनाओं के लिए अनिवार्य है. CSC पर आधार कार्ड से Farmer ID बनाई जा सकती है .


Disclaimer: यह जानकारी आधिकारिक स्रोतों, सरकारी रिपोर्टों और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। नवीनतम अपडेट के लिए MahaDBT पोर्टल (mahadbt.maharashtra.gov.in) देखें।

Author Expertise: This content is developed by a team specializing in agricultural policy analysis and government scheme implementation in Maharashtra, with expertise in interpreting land records, tenancy laws, and portal processes for tenant and landless farmer audiences.

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